UPPCS SYLLABUS- प्रारंभिक परीक्षा तथा मुख्य परीक्षा

UPPCS SYLLABUS- प्रारंभिक परीक्षा तथा मुख्य परीक्षा


उत्तर प्रदेश पाठ्यक्रम : प्रारंभिक परीक्षा तथा मुख्य परीक्षा
प्रारंभिक परीक्षा 

Paper-I (सामान्य अध्ययन-I)

  • राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ: राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की समसामयिक घटनाओं पर अभ्यर्थियों को जानकारी रखनी होगी।
  • भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन: इतिहास के अंतर्गत भारतीय इतिहास के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक पक्षों की व्यापक जानकारी पर विशेष ध्यान देना होगा। भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पर अभ्यर्थियों से स्वतंत्रता आंदोलन की प्रकृति तथा विशेषता, राष्ट्रवाद का अभ्युदय तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के बारे में सामान्य जानकारी उपेक्षित है।
  • भारत एवं विश्व का भूगोल: भारत एवं विश्व का भौतिक, सामाजिक एवं आर्थिक भूगोल: विश्व भूगोल में विषय की केवल सामान्य जानकारी की परख होगी। भारत का भूगोल के अंतर्गत देश के भौतिक, सामाजिक एवं आर्थिक भूगोल से संबंधित प्रश्न होंगे।
  • भारतीय राजनीति एवं शासन-संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, लोकनीति, अधिकारिक प्रकरण आदि भारतीय राज्य व्यवस्था, अर्थव्यवस्था एवं संस्कृति के अंतर्गत देश के पंचायती राज तथा सामुदायिक विकास सहित राजनीतिक प्रणाली के ज्ञान तथा भारत की आर्थिक नीति के व्यापक लक्षणों एवं भारतीय संस्कृति की जानकारी पर प्रश्न होंगे।
  • आर्थिक एवं सामाजिक विकास- सतत् विकास, गरीबी अंतर्विष्ट जनसांख्यिकीय, सामाजिक क्षेत्र के इनिशियेटिव आदि: अभ्यर्थियों की जानकारी का परीक्षण जनसंख्या, पर्यावरण तथा नगरीकरण की समस्याओं तथा उनके संबंधों के परिप्रेक्ष्य में किया जाएगा।
  • पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी संबंधी सामान्य विषय जैव-विविधता एवं जलवायु परिवर्तन: इस विषय में विषय विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं है। अभ्यर्थियों से विषय की सामान्य जानकारी अपेक्षित है।
  • सामान्य विज्ञान: सामान्य विज्ञान के प्रश्न दैनिक अनुभव तथा प्रेक्षण से संबंधित विषयों सहित विज्ञान के सामान्य परिबोध एवं जानकारी पर आधारित होंगे, जिसकी किसी भी सुशिक्षित व्यक्ति से अपेक्षा की जा सकती है, जिसने वैज्ञानिक विषयों का विशेष अध्ययन नहीं किया है।

Paper-II (सामान्य अध्ययन-II)

  1. कॉम्प्रिहेंसन (विस्तारीकरण)
  2. अंतर्वैयक्तिक क्षमता जिसमें संप्रेषण कौशल भी समाहित होगा
  3. तार्किक एवं विश्लेषणात्मक योग्यता
  4. निर्णय क्षमता एवं समस्या समाधान
  5. सामान्य बौद्धिक योग्यता
  6. प्रारंभिक गणित हाईस्कूल स्तर तक- अंकगणित, बीजगणित व सांख्यिकी
  7. सामान्य अंग्रेज़ी हाईस्कूल स्तर तक
  8. सामान्य हिंदी हाईस्कूल स्तर तक

प्रारंभिक गणित (हाईस्कूल स्तर तक)

  1. अंकगणित: (i) संख्या पद्धति: प्राकृतिक, पूर्णांक, परिमेय-अपरिमेय एवं वास्तविक संख्याएँ, पूर्णांक संख्याओं के विभाजक एवं अविभाज्य पूर्णांक संख्याएँ। पूर्णांक संख्याओं का लघुत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्त्य तथा उनमें संबंध। (ii) औसत, (iii) अनुपात एवं समानुपात, (iv) प्रतिशत, (v) लाभ-हानि, (vi) ब्याज- साधारण एवं चक्रवृद्धि, (vii) काम तथा समय, (viii) चाल, समय तथा दूरी
  2. बीजगणित: (i) बहुपद के गुणनखंड, बहुपदों का लघुत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्त्य एवं उनमें संबंध, शेषफल प्रमेय, सरल युगपत समीकरण, द्विघात समीकरण (ii) समुच्चय सिद्धांत: समुच्चय, उप समुच्चय, उचित उपसमुच्चय, रिक्त समुच्चय, समुच्चयों के बीच सक्रियाएँ (संघ, प्रतिछेद, अंतर, समिमित अंतर), बेन-आरेख
  3. रेखागणित: (i) त्रिभुज, आयत, वर्ग, समलम्ब चतुर्भुज एवं वृत्त की रचना एवं उसके गुण संबंधी प्रमेय तथा परिमाप एवं उनके क्षेत्रफल, (ii) गोला, समकोणीय वृत्ताकार बेलन, समकोणीय वृत्ताकार शंकु तथा धन के आयतन एवं पृष्ठ क्षेत्रफल
  4. सांख्यिकी: आँकड़ों का संग्रह, आँकड़ों का वर्गीकरण, बारंबारता, बारंबारता बंटन, सारणीयन, संचयी बारंबारता, आँकड़ों का निरूपण, दंडचार्ट, पाई चार्ट, आयत चित्र, बारंबारता बहुभुज, संचयी बारंबारता

General English Upto Class X Level

  1. Comprehension
  2. Active Voice and Passive Voice
  3.  Parts of Speech
  4. Transformation of Sentences
  5. Direct and Indirect Speech
  6. Punctuation and Spellings
  7. Words meanings
  8. Vocabulary & Usage
  9.  Idioms and Phrases
  10. Fill in the Blanks

सामान्य हिंदी (हाईस्कूल स्तर तक)

  1. हिंदी वर्णमाला, विराम चिह्न
  2. शब्द रचना, वाक्य रचना, अर्थ
  3. शब्द-रूप
  4.  संधि, समास
  5. क्रियाएँ
  6. अनेकार्थी शब्द
  7. विलोम शब्द
  8. पर्यायवाची शब्द
  9. मुहावरे एवं लोकोत्तियाँ
  10. तत्सम एवं तद्भव, देशज, विदेशी (शब्द भंडार)
  11. वर्तनी
  12. अर्थबोध
  13. हिन्दी भाषा के प्रयोग में होने वाली अशुद्धियाँ
  14. उ.प्र. की मुख्य बोलियाँ
मुख्य परीक्षा 

सामान्य अध्ययन-I

  • भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।
  • 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।
  • स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।
  • स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन।
  • विश्व के इतिहास में 18वीं सदी तथा बाद की घटनाएँ यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनःसीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव।
  • भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता।
  • महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।
  • भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण का प्रभाव।
  • सामाजिक सशक्तीकरण, संप्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता।
  • विश्व के भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएँ।
  • विश्व भर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए), विश्व (भारत सहित) के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिये ज़िम्मेदार कारक।
  • भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ, भौगोलिक विशेषताएँ और उनके स्थान- अति महत्त्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणिजगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव।
  • भारत के समुद्री संसाधन और उनकी क्षमता
  • मानव प्रवास- भारत पर ध्यान देने के साथ विश्व की शरणार्थी समस्या
  • भारतीय उपमहाद्वीप के संदर्भ में सीमा और सीमांत 
  • जनसंख्या और बस्तियाँ- प्रकार और पैटर्न, शहरीकरण, स्मार्ट शहर और स्मार्ट गांव
  • उत्तर प्रदेश का विशिष्ट ज्ञान- इतिहास, संस्कृति, कला, वास्तुकला, त्योहार, लोक नृत्य, साहित्य, क्षेत्रीय भाषाएँ, विरासत, सामाजिक रीति-रिवाज और पर्यटन
  • उत्तर प्रदेश भूगोल का विशिष्ट ज्ञान- मानव और प्राकृतिक संसाधन, जलवायु, मिट्टी, वन, वन्यजीव, खान और खनिज, सिंचाई के स्रोत

सामान्य अध्ययन-II

  • भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।
  • संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियाँ।
  • विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान।
  • भारतीय संवैधानिक योजना की अन्य देशों के साथ तुलना।
  • संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय।
  • कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।
  • जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ।
  • विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियाँ, कार्य और उत्तरदायित्व।
  • सांविधिक, विनियामक और विभिन्न अर्द्ध-न्यायिक निकाय।
  • सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।
  • विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योग- गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्त्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका।
  • केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।
  • गरीबी एवं भूख से संबंधित विषय।
  • शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।
  • लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका।
  • भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।
  • द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
  • भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।
  • महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।
  • राजनीतिक, प्रशासनिक, राजस्व और न्यायिक व्यवस्था के संबंध में उत्तर प्रदेश का विशिष्ट ज्ञान
  • करेंट अफेयर्स और क्षेत्रीय, राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की घटनाएँ

सामान्य अध्ययन-III

  • भारत में आर्थिक योजना, उद्देश्य और उपलब्धियाँ, नीति आयोग की भूमिका, सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी)
  • गरीबी, बेरोजगारी, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के मुद्दे
  • सरकारी बजट और वित्तीय प्रणाली के घटक
  • मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।
  • प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय; जन वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र।
  • भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग- कार्यक्षेत्र एवं महत्त्व, स्थान, ऊपरी और नीचे की अपेक्षाएँ, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन। 
  • स्वतंत्रता के बाद भारत में भूमि सुधार।
  • उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव।
  • बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।
  • सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी 
  • बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता और डिजिटल अधिकार 
  • पर्यावरण सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र, वन्यजीव का संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरण प्रदूषण और गिरावट, पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन
  • एक गैर-पारंपरिक सुरक्षा और सुरक्षा चुनौती के रूप में आपदा, आपदा न्यूनीकरण और प्रबंधन
  • अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां- परमाणु प्रसार के मुद्दे, उग्रवाद के कारण और प्रसार, संचार नेटवर्क, मीडिया और सोशल नेटवर्किंग की भूमिका
  • साइबर सुरक्षा, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी
  • भारत की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां- आतंकवाद, भ्रष्टाचार, उग्रवाद और संगठित अपराध
  • भारत में सुरक्षा बलों, उच्च रक्षा संगठनों की भूमिका, प्रकार और जनादेश
  • उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का विशिष्ट ज्ञान-राज्य बजट, कृषि का महत्व, उद्योग, आधारभूत संरचना और भौतिक संसाधन, मानव संसाधन और कौशल विकास, सरकारी कार्यक्रम और कल्याणकारी योजनाएँ।
  • राज्य के कृषि, बागवानी, वानिकी और पशुपालन के मुद्दे
  • उत्तर प्रदेश के विशेष संदर्भ में कानून और व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा

सामान्य अध्ययन-IV

  • नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानव मूल्य
  • महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।
  • अभिवृत्तिः सारांश, संरचना, वृत्ति; विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध; नैतिक और राजनीतिक अभिरुचि; सामाजिक प्रभाव और धारण।
  • सिविल सेवा के लिये अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य- सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमज़ोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना।
  • भावनात्मक समझः अवधारणाएँ तथा प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनके उपयोग और प्रयोग।
  • भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।
  • लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।
  • शासन व्यवस्था में ईमानदारीः लोक सेवा की अवधारणा; शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।
  • उपर्युक्त विषयों पर मामला संबंधी अध्ययन (केस स्टडीज़)।

निबंध

  • निबंध के प्रश्न पत्र में तीन खंड होंगे। उम्मीदवारों को प्रत्येक खंड से एक विषय का चयन करना होगा और उन्हें प्रत्येक विषय पर 700 शब्दों में एक निबंध लिखना होगा। तीन खंडों में, निबंध के विषय निम्नलिखित क्षेत्रों पर आधारित होंगे:
  • खंड A –
    • (1) साहित्य और संस्कृति
    • (2) सामाजिक क्षेत्र
    • (3) राजनीतिक क्षेत्र
  • खंड B –
    • (1) विज्ञान, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी
    • (2) आर्थिक क्षेत्र
    • (3) कृषि, उद्योग और व्यापार
  • खंड C –
    • (1) राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाएँ
    • (2) प्राकृतिक आपदाएँ, भूस्खलन, भूकंप, जलप्रलय, सूखा आदि।
    • (3) राष्ट्रीय विकास कार्यक्रम और परियोजनाएँ

सामान्य हिंदी

  • दिये गए गद्य खण्ड का अवबोध एवं प्रश्नोत्तर।
  • संक्षेपण।
  • सरकारी एवं अर्धसरकारी पत्र लेखन, तार लेखन, कार्यालय आदेश, अधिसूचना, परिपत्र।
  • शब्द ज्ञान एवं प्रयोग।
    (अ) उपसर्ग एवं प्रत्यय प्रयोग
    (ब) विलोम शब्द
    (स) शब्द समूह के लिये एक शब्द
    (द) वर्तनी एवं वाक्य शुद्धि
  • लोकोक्ति एवं मुहावरे।


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